जालंधर | शनिवार, 4 दिसम्बर 2010 नई दिल्ली
भारतीय पूर्व सेवाएं लीग (IESL) ने आज केंद्र को एक अल्टीमेटम सेवा की है कि लाखों में पूर्व सैनिकों संसद gherao अगर होगा 'एक रैंक एक पेंशन' के लिए उनकी मांग 18 अगले साल फरवरी तक स्वीकार नहीं था.
यहां पत्रकारों से बातचीत में Bhag सिंह, पंजाब और चंडीगढ़ IESLs अध्याय के अध्यक्ष ने कहा IESL 40 से 'एक रैंक एक पेंशन 30 ' जबकि के आंशिक सफलता हासिल की थी फीसदी मामलों अभी तक कर रहे थे बसे हो.
उन्होंने कहा कि लीग रक्षा मंत्री, राज्य मंत्री के अलावा रक्षा के लिए राष्ट्रपति के साथ 2009 के दौरान, लेकिन कोई लाभ उठाने के लिए बातचीत की थी. 21 अक्तूबर को, रक्षा राज्य मंत्री लीग जहां वह फिर से लीग के सदस्यों के साथ अलग से बातचीत द्वारा आयोजित सम्मेलन में भाग लिया.
उन्होंने कहा कि 'एक रैंक एक पेंशन' की मंजूरी पहले ही इस वर्ष 15 अगस्त को उसके ऐतिहासिक लाल किले से भाषण के दौरान किया गया था प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए.
कर्नल सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार अभी भी छुपाने और सेवारत और सेवानिवृत्त सेना व्यक्तियों के साथ की तलाश का खेल खेल रहा था. उन्होंने कहा कि देश सशस्त्र बलों की कीमत पर युद्ध और शांति के दौरान दोनों जीवित थे. उन्होंने कहा जब सरकार दी 'एक रैंक एक पेंशन' की थी और अन्य आईएएस कैडर तो क्यों सशस्त्र बलों की सुविधा से वंचित थे.
पूर्व सैनिकों संसद के पास 'एक रैंक एक पेंशन' के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे
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